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  ब्यूरो : (आखिर क्यों न्यूज़ ) :  लॉकडाउन खुलने और आवाजाही शुरू होने के बाद भी पंजाब का पेट्रोलियम व्यवसाय मंदी से नहीं उभर पा रहा है। लगभग तीन महीने पहले सरकार ने लॉकडाउन को खत्म करने की घोषणा की थी। बावजूद इसके पेट्रोलियम व्यवसाय साधारण दिनों की तुलना में मात्र 60 फीसद तक ही पहुंच पाया है। हालात यह हो गए हैं कि पेट्रोल पंप संचालक आत्महत्या तक करने को मजबूर हो गए हैं। वहीं, कुछ निकट भविष्य में तालाबंदी की संभावना भी व्यक्त कर रहे हैं। पंजाब में  मंदी की सबसे बड़ी वजह यह है कि चंडीगढ़ और पड़ोसी राज्य हरियाणा और हिमाचल में पेट्रोल-डीजल की कीमत पंजाब से  कम है। इस कारण फतेहगढ़ साहब, पटियाला  सीमांत जिलों में स्थित पेट्रोल पंप तालाबंदी की कगार पर जा पहुंचे हैं। इन सीमांत जिलों के लोग पड़ोसी राज्यों में जाकर तेल भरवाने ज्यादा पसंद करते हैं।

पंजाब सरकार ने पेट्रोल पर लगाए 30 फीसद से ज्यादा की वैट दर को पड़ोसी राज्यों के बराबर नहीं किया है। आज भी पंजाब में पेट्रोल पड़ोसी राज्यों की तुलना में औसतन पांच रुपये प्रति लीटर और डीजल साढ़े तीन रुपये प्रति लीटर महंगा बिक रहा है।

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By aakhirkyon

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