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बठिंडा, 10 जुलाई (आख़िर क्यों न्यूज़,श्रीवास्तव) भारत सरकार की ओर से इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति की मान्यता पर कुछ ही माह में फैसला होने वाला है। आईडीसी को इलेक्ट्रो होम्योपैथी प्रपोजलिस्ट कमेटी आफ इंडिया की ओर से डाक्यूमेंट्स सबमिट किए जा चुके हैं। इलेक्ट्रो होम्योपैथी फाउंडेशन के नेशनल वाईस प्रेसिडेंट डॉ. प्रो. हरविंदर सिंह (एमडी अलकेमी) ने उक्त जानकारी देते हुए कहा कि उनके संगठन की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर रेलवे, बैंक, इंकम टैक्स, एन एफ एल, भारतीय खाद्य निगम आदि विभागों में कोरोनावायरस से बचाव को निःशुल्क इम्यूनिटी बूस्टर आवंटित करने की इजाज़त मांगी है।

इन विभागों में पब्लिक डीलिंग का काम ज्यादा है। इसलिए इलेक्ट्रो होम्योपैथी फाउंडेशन, उपरोक्त विभागों में कोरोनावायरस से बचाव के लेक्चर के साथ ईएच इम्यूनिटी बूस्टर आवंटित करना चाहता है ताकि कर्मचारी कोरोना की नामुराद बीमारी से सचेत रह सकें और इनका शरीर स्वस्थ रहें। डॉ हरविंदर सिंह आज
इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के प्रचार प्रसार के लिए बठिंडा में बीबीवाला रोड पर डॉ वरिंदर इलेक्ट्रो होम्योपैथी हास्पिटल की शुरुआत दौरान एक सैमीनार में मुखातिब थे। उन्होंने कहा यह एक इलेक्ट्रो होम्योपैथी पद्धति से जुड़ा अस्पताल है। जहां कैंसर, काला पीलिया, लीवर सोरायसिस, गठिया, पथरी से लेकर हर असाध्य रोग का इलाज किया जाएगा। बताते चलें कि इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा पूर्ण रूप से हर्बल 114 पौधों पर आधारित है। इसमें 38 तरह की दवाओं (पौधों के स्पैजरिक एसेंस) से लिंप्फ और ब्लड में आई अशुद्धियां दूर करके हर बीमारी का इलाज किया जाता है। 1865 में इटली के डाक्टर काउंट सीजर मैटी ने इस पद्धति का अविष्कार किया था। डाक्टर वरिंदर इलेक्ट्रो होम्योपैथी फाउंडेशन आफ इंडिया (रजि.) संस्था में पंजाब प्रदेश अध्यक्ष के तौरपर काम कर रही हैं। संस्था के साथ पूरे देश में 550 से अधिक रैगुलर मेंबर जुड़े हैं जबकि आंशिक सदस्यों के रुप में 6000 से ज्यादा डाक्टर वर्क कर रहे हैं। डॉ. प्रो.हरविंदर सिंह ने सैमीनार में जानकारी दी कि भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर (रिसर्च डेस्क) की ओर से 5 मई 2010 को पत्र क्रमांक नंबर वी25011/276/2009-एच.आर
और इसी विभाग के लेटर नंबर आर.14015/25/96-7यू एंड एच(आर)पीटी दिनांक 25 नवंबर 2003 के मार्फत इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को डिवेलपमेंट आफ न्यू साइंस के तहत प्रेक्टिस, प्रचार, प्रसार की इजाज़त दी गई है। सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की सीडब्लयूपी 7493/2007 के फैसले और विभिन्न हाईकोर्टस पर 23572/2009 के दिए फैसले में लिखा है कि इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति में प्रेक्टिस पर किसी प्रकार का बैन नहीं है।

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फोटो बठिंडा में बीबीवाला रोड पर डॉ वरिंदर इलेक्ट्रो होम्योपैथी हास्पिटल की शुरुआत में जानकारी देते ईएचएफ के नेशनल वाईस प्रेसिडेंट डॉ प्रो हरविंदर सिंह अलकेमी। फोटो अशोक

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By aakhirkyon

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