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पंजाब कांग्रेस की सियासत में इस तरह घसीटे जाने से निराश अरूसा ने भी अपना पक्ष रखना शुरू किया है। भारतीय मीडिया को दिए इंटरव्यू में उन्होंने अमरिंदर को अपना करीबी दोस्त बताते हुए कहा, मेरे उनसे रूह के रिश्ते हैं। अरूसा कहती हैं, 2004 में मेरी कैप्टन साब से पहली बार मुलाकात हुई थी। तब मैं 56 की और वह 66 की उम्र के थे। इस उम्र में आप प्रेमी नहीं तलाशते।

इसलिए हमारे रिश्ते में रोमांस जैसा कुछ तलाशना बेकार है। हां, हमारा बौद्धिक स्तर एक जैसा है, जिसके कारण दोस्त बने। कैप्टन साहब ने पूरी दुनिया में सिर्फ मुझे अपनी दोस्ती के लायक समझा, इसका मुझे फख्र है। जब हम मिले, तो हमें एक दूसरे की कुछ चीजें पसंद आईं, जैसे कि मुझे उनकी बागवानी और खाना बनाने की कला, जबकि उन्हें मेरा लेखन। हमें एक-दूसरे का ‘सोलमेट’ कह सकते हैं। मैं सिर्फ कैप्टन साहब की ही नहीं, उनके परिवार की भी दोस्त हूं। उनकी पत्नी महारानी साहिबा परणीत कौर, उनकी बहनें, बहनोई, पूरा परिवार, सब मेरे दोस्त हैं। उनसे दोस्ती के बाद 16 साल से मैं भारत आ रही हूं मगर पिछले एक साल से मैं पाकिस्तान में ही हूं।

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अरूसा पाक में रक्षा मामलों से जुड़ी पत्रकार हैं। हालांकि उनका एक और परिचय है। वो पाकिस्तान के तानाशाह रहे जनरल याह्या खां की करीबी रानी जनरल की बेटी हैं। खां के दौर में पाकिस्तानी सियासत में रानी जनरल की तूती बोलती थी। जाहिर है, सियासत से अरूसा का नाता नया नहीं है। अरूसा शादीशुदा हैं और दो बेटों की मां भी।

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By aakhirkyon

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