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दिग्गज अभिनेता राज कपूर के सबसे छोटे बेटे राजीव कपूर का मंगलवार को दिल का दौरा पड़ने के कारण निधन हो गया। 58 साल की उम्र में राजीव कपूर ने चेंबूर के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। राजीव कपूर ने यूं तो लावा, जलजला और जबरदस्त जैसी कई फिल्मों में काम किया, लेकिन उन्हें 1985 में आई फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ से ही पहचान मिली। इस फिल्म में उनके साथ मंदाकिनी भी थीं। एक ओर जहां मंदाकिनी इस फिल्म के बाद रातों रात स्टार बन गईं थीं, वहीं राजीव को उस स्तर की लोकप्रियता नहीं मिल पाई थी। बताया जाता है कि इस फिल्म के बाद राजीव और पिता राज कपूर के रिश्ते बिगड़ गए थे।

इसके बावजूद पिता के लिए राजीव ने जो आखिरी शब्द कहे थे उन्हें सुनकर किसी की भी आंखों से आंसू टपक जाएंगे। बात तब की है जब राज कपूर की मौत के बाद उनके बेटों ने मिलकर आरके स्टूडियो को बेचने का फैसला ले लिया था और स्टूडियो बस बिकने ही वाला था।उन्होंने आगे कहा था कि आरके स्टूडियो मुख्य शहर से बहुत दूर स्थित है। इसके कारण अधिकतर एक्टरों को शूटिंग के लिए यहां आने में समस्या होती है। इसीलिए हमें मिलकर इसे बेचने का निर्णय लेना पड़ा है।

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By aakhirkyon

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